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Thursday, 13 June 2019

गर्मी में अल्ट्रावायलेट किरणों से आंखों को नुकसान व बचाब के उपाय

गर्मी में अल्ट्रावायलेट किरणों से आंखों को नुकसान ,इस  बाहर निकलने पर करे ये उपाय,


गर्मी के मौसम में जब आप घर से बाहर निकलते हैं तब इन हानिकारक यूवी किरणों से आंखों को बचाना बहुत जरूरी है। इन किरणों के संपर्क में आने से और धूप में ज्यादा देर रहने से आंखों में एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है।


• एलर्जिक रिएक्शन आंखों में होने वाली सामान्य समस्या है।


• हानिकारक यूवी किरणों से आंखों को बचाना बहुत जरूरी है।


• धूप में निकलते समय सनग्लासेज जरूर लगाएं।


गर्मी के मौसम में धूप बहुत तेज होती है। ऐसे में सूरज से निकलने वाली हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से शरीर को काफी नुकसान होता है। त्वचा के साथ-साथ ये किरणें आपके आंखों पर भी बुरा प्रभाव डालती हैं। आंख हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण और नाजुक अंगों में से एक है। इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए हमें विशेष ध्यान देना पड़ता है। गर्मी के मौसम में जब आप घर से बाहर निकलते हैं तब इन हानिकारक यूवी किरणों से आंखों को बचाना बहुत जरूरी है। इन किरणों के संपर्क में आने से और धूप में ज्यादा देर रहने से आंखों में एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। आइये आपको बताते हैं गर्मी के मौसम में यूवी किरणों से आंखों को होने वाले नुकसान और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में।

• क्या होता है एलर्जिक रिएक्शन


एलर्जिक रिएक्शन आंखों में होने वाली सामान्य समस्या है। आंखों को दिमाग से जोड़ने वाली महीन शिराएं आंखों की त्वचा के बहुत नजदीक होती हैं इसलिए ज्यादा देर धूप में रहने से आंखों को नुकसान पहुंचता है। यूवी किरणें आंखों के लिए हानिकारक हैं इसलिए इसकी वजह से आंखों में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। एलर्जिक रिएक्शन के निम्न लक्षण हैं-

• आंखों में जलन होना


• आंखें लाल हो जाना


• आंखों से पानी आने लगना


• आंखों में चुभन होना


• कंजंक्टिवाइटिस रोग

• ऐसे करें आंखों का बचाव


आंखों को गर्मी के मौसम में होने वाली इन सामान्य समस्याओं से बचाने के लिए आपको घर से बाहर धूप में निकलने से पहले और लौटने के बाद कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

• आंखों को ठंडे पानी से धुलें


धूप से लौटने के बाद आपके शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है इसलिए पहले शरीर को धीरे-धीरे सामान्य तापमान पर आने दें। इसके लिए पंखे के नीचे 5 मिनट तक बैठ जाएं। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरे और आंखों को अच्छी तरह धुलें। आखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें और फिर मुलायम तौलिये से चेहरा पोछें। अगर आपके आंखों में जलन ज्यादा है और आंखें लाल हैं, तो बर्फ से आंखों की सिंकाई करें।

• आंखों में मलें नहीं


घर से बाहर जब हम धूप या प्रदूषण होते हैं तब एक गलती जो सबसे ज्यादा करते हैं, वो है आंखों को मलना। आंखों में चुभन हो, जलन हो या आंखों में कोई धूल कण चला जाए, आप तुरंत आंखों को मलने लगते हैं। आंखों को मलने से कई तरह के नुकसान हैं इसलिए इन्हें कभी भी नहीं मलना चाहिए। इसके बजाय अगर आंखों में कोई समस्या हो, तो साफ रूमाल या कपड़े से इसे हल्के हाथों से सहलाएं और ठंडे पानी से धुलें।

• सनग्लासेज जरूर लगाएं




धूप का चश्‍मा सूरज से निकलने वाली घातक यूवी किरणों से आंखों की रेटीना को बचाने का काम करता है। तेज धूप के कारण आंखों की रोशनी पर प्रतिकूल असर पडऩे के साथ ही धूल के कण रेटिना को नुकसान पहुंचा सकते हैं। धूप के चश्मे का इस्तेमाल कर आंखों को सुरक्षित रखा जाता है। इसलिए जब भी घर से बाहर जाये तो अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए इसे लगाना न भूलें।
तेज धूप में निकलने पर सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों से आंखों के ऊपर बनी टीयर सेल यानी आंसूओं की परत टूटने या क्षतिग्रस्त होने लगती है। और यह कॉर्निया के लिए हानिकारक हो सकता है। यानी आंखों के कॉर्निया को भी यूवी किरणों से उतना ही नुकसान पहुंचता है जितना कि रेटीना को। लेकिन धूप में जाते समय काला चश्‍मा पहनने से आप इस समस्‍या बच सकते हैं।


(आंखों को भयंकर नुकसान पहुंचाती है स्मोकिंग, रेटिना होती है बुरी तरह प्रभावित)


1.धूम्रपान से कैंसर नहीं आंखों की रोशनी भी जा सकती है।


2.धूम्रपान में मौजूद निकोटीन आंखों की नमी छीन लेता है।


3.मोतियाबिंद और मेक्‍यूलर डीजनरेशन भी इससे होता है।


धूम्रपान करना न सिर्फ हमारे फेफड़ों बल्कि हमारे शरीर के अन्य अंगों के लिए भी हानिकारक होता है। डॉक्टर्स कहते हैं कि जो सिगरेट या बीड़ी नहीं पीते हैं लेकिन इसके संपर्क में रहते हैं उनमें भी बीमारी होने का खतरा रहता है। आपको बता दें कि सिगरेट पीने से हमारे आंखें काफी प्रभावित होती हैं। इसके ज्यादा सेवन से आंखों का लाल होना, धुंधला दिखाई देना, आंखों की रोशनी कम होना और आंखों में जलन होने जैसे लक्षण देखे जाते हैं। हाई ब्‍लड प्रेशर और डायबिटीज के रोगियों को धूम्रपान बिलकुल भी नहीं करना चाहिए, क्‍योंकि इससे रक्त में निकोटिन का स्तर बढ़ जाता है, जो रेटीना के लिए खतरनाक है। इस लेख में विस्‍तार से जानिये धूम्रपान नजर को कैसे प्रभावित करता है।

• आंखों की नमी खत्‍म होना


सिगरेट में निकोटीन युक्‍त तंबाकू होता है। इसमें मौजूद कई ऑक्सीडेंट्स आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं। धूम्रपान करने वालों के संपर्क में हमेशा रहने वाले लोगों को भी यही खतरा रहता है। कई बार धूम्रपान नहीं करने वालों की आंखें सिगरेट या बीड़ी के गुल से जल जाती हैं। धूम्रपान करने वालों की आंखों को तंबाकू के जहरीले धुएं में मौजूद रसायनों से कंजक्टिवा के ग्लोबलेट सेल्स क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिनके कारण आंख की सतह पर नमी बनी रहती है। इसी तरह धुएं में मौजूद कार्बन पार्टिकल्‍स पलकों पर जमा हो सकते हैं, इसके कारण आंखों की नमी और गीलापन खत्म हो सकता है। अगर यह लंबे समय तक बना रहे तो आंखों में खुजली होती है और नजर में धुंधलापन हो सकता है।

• मोतियाबिंद की समस्‍या


अमेरिकी इकाई सर्जन जनरल की रिपोर्ट की मानें तो धूम्रपान से आंखों की कई समस्‍यायें हो सकती हैं, इसमें मोतियाबिंद भी है। धूम्रपान के जरिये तंबाकू के संपर्क में आने वाले लोगों में दूसरों के मुकाबले मोतियाबिंद होने का खतरा अधिक होता है। इसी तरह न्यूक्लियर और पोस्टियर पोलर किस्म के कैटरेक्ट भी इन्हीं लोगों को छोटी उम्र से ही होने लगते हैं।


• मेक्‍यूलर डीजनरेशन


कई अध्ययनों से पता चला है कि धूम्रपान करने वाले लोगों को दूसरों के मुकाबले उम्र आधारित मेक्यूलर डीजनरेशन का जोखिम दोगुना रहता है।

• ऑप्टिक न्‍यूरोपैथी


धूम्रपान का सबसे बुरा नतीजा है एम्बलायोपिया और ऑप्टिक न्यूरोपैथी। धूम्रपान के जरिये तंबाकू में मौजूद निकोटिन रेटीना और ऑप्टिक नर्व की कोशिकाओं पर घातक प्रभाव छोड़ते हैं। नजर के लिए रेटीना और ऑप्टिक नर्व महत्वपूर्ण होती है। लंबे समय तक धूम्रपान करने से आंखों को अपूरणीय क्षति हो सकती है

• धूम्रपान, बीमारियां और नजर


धूम्रपान करने वालों को थायरॉयड, मधुमेह और उच्च रक्तचाप की समस्‍या हो सकती है। इन बीमारियों के कारण नजर प्रभावित होती है। डायबिटीज के रोगियों में डायबिटिक न्‍यूरोपैथी की बीमारी हो जाती है, इसके कारण आंखों की रोशनी कम हो जाती है। डायबिटीज के रोगी अंधेपन के शिकार भी हो सकते हैं।

धूम्रपान सेहत के लिहाज से पूरी तरह से हानिकारक है। प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष दोनों तरह का धूम्रपान आंखों के लिए नुकसानदेह है। धूम्रपान वाली जगह पर जाने से बचें और धूम्रपान को अलविदा कहें।
इस से आप को कैंसर भी हो सकता है,अगर आप को कोई भी ऐसी आदत है तो उसे छोड़ने की कोशिश कीजिए,

आप स्वस्थ रहे यही हमारी आशा है,






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