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Friday, 28 June 2019

मनी प्लांट की वजह से घर के आसपास बढ़ती है सकारात्मकता,

मनी प्लांट की वजह से घर के आसपास बढ़ती है सकारात्मकता, इस पौधे से जुड़ी वास्तु टिप्स




मनी प्लांट के पत्ते मुरझा जाए या पीले हो जाए तो क्या करना चाहिए, इस बेल को जमीन पर फेलने न दें

• घर की कौन सी दिशा में मनी प्लांट लगाना चाहिए

घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए वास्तु में कई टिप्स बताई गई हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यता है कि घर में मनी प्लांट लगा हो तो वातावरण सकारात्मक बना रहता है और घर के कई दोष दूर हो सकते हैं। कोलकाता की वास्तु विशेषज्ञ डॉ. दीक्षा राठी के अनुसार जानिए मनी प्लांट से जुड़ी कुछ खास बातें, जिनका ध्यान रखना चाहिए...


मनी प्लांट के खराब पत्तों का क्या करें

माना जाता है कि मनी प्लांट जितना हरा-भरा होता है, उतना शुभ रहता है। इसके पत्तों का मुरझाना, पीला या सफेद हो जाना अशुभ माना जाता है। इसीलिए इसके खराब पत्ते बेल से तुरंत हटा देना चाहिए। मनी प्लांट एक बेल है, इसीलिए इसे ऊपर की ओर चढ़ाना चाहिए। जमीन पर फैला हुआ मनी प्लांट वास्तु दोष बढ़ता है।

किस दिशा में लगाएं मनी प्लांट

मनी प्लांट के पौधे को घर में लगाने के लिए आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व सबसे अच्छी मानी जाती है। इस दिशा में ये पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। मनी प्लांट को दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाने का कारण ये है कि इस दिशा का कारक ग्रह शुक्र है। शुक्र ग्रह बेल और लता वाले पौधों का भी कारक है। शुक्र की दिशा में उसी का पौधा मनी प्लांट लगाना ज्यादा शुभ रहता है।

मनी प्लांट कौन सी दिशा में न लगाएं

मनी प्लांट को ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं लगाना चाहिए। ईशान कोण का कारक बृहस्पति ग्रह है। शुक्र और बृहस्पति, दोनों एक-दूसरे के शत्रु हैं। इस कारण ईशान कोण में शुक्र ग्रह का पौधा नहीं लगाना चाहिए। मनी प्लांट ऐसी जगह लगाना चाहिए, जहां अधिक धूप ना आती हो। इसे घर में भी रखा जा सकता है। मनी प्लांट को पानी में रखना ज्यादा अच्छा होता है। इसका पानी हर सप्ताह बदल लेना चाहिए।


 टिप्स / चीन का वास्तु शास्त्र है फेंगशुई, गुड लक के लिए घर में रखें टांगों वाला मेंढक




फेंगशुई एक चाइनीज शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है वायु और जल। घर का निर्माण किस प्रकार करें, कैसे घर को सुंदर बनाएं, घर में क्या-क्या सामान होना चाहिए? इन सभी बातों की जानकारी हमें फेंगशुई में आसानी से मिलती है। फेंगशुई मूल रूप से चीन का वास्तु शास्त्र है। यह भारतीय वास्तु शास्त्र से काफी मिलता-जुलता है। आप भी आगे बताए गए कुछ आसान फेंगशुई टिप्स अपना कर घर के वास्तु दोषों को आसानी से दूर कर सकते हैं।

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