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Saturday, 1 June 2019

वैज्ञानिकों की बड़ी कामयाबी- 'पसीना,खून, लार से मापा जा सकेगा तनाव'


वैज्ञानिकों की बड़ी कामयाबी- 'पसीना,खून, लार से मापा जा सकेगा तनाव'




वैज्ञानिक हर दिन नई-नई शोध को अंजाम देते रहते हैं। इसी बीच वैज्ञानिकों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। नया तरीका खोजा गया है जिससे पसीना, खून, मूत्र या लार के जरिए सामान्य तनाव को आसानी से माप सकता है।


पसीना,खून, लार से मापा जा सकेगा तनाव


वॉशिंगटनः वैज्ञानिक हर गुजरते दिन के साथ नई-नई शोध को अंजाम देते रहते हैं। इसी बीच वैज्ञानिकों ने एक नई जांच विकसित की है जो पसीना, खून, मूत्र या लार के जरिए सामान्य तनाव को आसानी से माप सकती है। तनाव को अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, क्योंकि इसका असर हृदय रोग से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक पर पड़ता है।

अमेरिका के सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों को उम्मीद है कि नयी जांच के जरिए रोगी घर पर ही इस उपकरण का इस्तेमाल कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के प्रोफेसेर एंड्रीयू स्टेकल ने कहा, 'हालांकि यह आपको सभी सूचना नहीं देगा लेकिन आपको बताएगा कि क्या आपको किसी डॉक्टर की जरूरत है।'

दरअसल, वैज्ञानिकों ने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है जो खून, पसीना, मूत्र या लार में मौजूद तनाव को हार्मोन की पराबैंगनी किरणों के जरिए माप करेगा। हालांकि, अमेरिकन केमिकल सोसाइटी सेंसर जर्नल में इस उपकरण के बारे में बताया गया है कि यह लैबोरेट्री में होने वाली रक्त जांच की जगह नहीं लेगा।

इससे पहले भी उन्होंने एक ऐसी सफलता हासिल की थी जिसकी कल्पना करना बहुत मुश्किल था। टेल अवीव विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक टीम ने मनुष्य के ब्लड सैंपल और कोशिकाओं का इस्तेमाल करते हुए विश्व का पहला 3डी प्रिन्टेड दिल बना डाला था।

रिपोर्टस के अनुसार, इस स्पेशल प्रोजेक्ट का नेतृत्व प्रोफेसर ताल दविर ने किया था। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह पहला मौका था जब 3डी दिल बनाने के लिए मनुष्य की कोशिकाओं और रक्त वाहिकाओं का उपयोग किया गया था।

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